सुविचार 980

गुणी मनुष्य अपनी प्रशंसा स्वयं नहीं करते बल्कि दूसरों से अपनी प्रशंसा सुन कर नम्र हो जाते हैं.

सुविचार 979

अपनी कमजोरी को, कमियों को स्वीकारें. जब तक आप उसे स्वीकार नहीं करेंगे, तब तक आप उसे सुधारने की कोशिश शुरू नहीं करेंगे. 

सुविचार 978

हर चीज जो भी पाई है उसे खोना पडेगा, यह जिन्दगी की सच्चाई है.

The fact of life is that we will have to forgo everything that we acquire in this world.

 

सुविचार 977

जियो और मरो, पर किसी उद्देश्य के लिए. नेकी करो और अपने पीछे गुणों की स्मृति छोड़ जाओ, जिसे समय की आंधियां कभी नष्ट न कर सकें.

 

सुविचार 976

हमारी जल्दबाज प्रवृत्ति और अधीरता के कारण ही हमारे जीवन में कई समस्याएँ उत्पन्न होती हैं.

 

सुविचार 975

हर काम में सतर्कता जरुरी है पर बेकार की घबराहट और अस्थिरता डर व भय पैदा कर देती है.. – जिस से अपने में मौजूद विश्वास भी डगमगाने लगता है.!!
सतर्कता तभी सार्थक होती है _ जब सदैव बरती जाए.

 

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