सुविचार 956
हज़ार मील का सफ़र भी एक कदम से ही आरम्भ होता हैं, अत: लछ्य की तरफ पहला कदम रखिए तो सही.
दूसरों के प्रति प्रेम पूर्ण बनिए, दुसरो से अपेक्षा कम रखिये, सुख की चाह में रहने वाला अक्सर दुःख, संकट और रोग का सामना करता है, वहीँ संतोष और धैर्य के साथ रहने वाले को सुख, शांति और स्वास्थ्य स्वयं प्राप्त होते है !!!