सुविचार 956

हज़ार मील का सफ़र भी एक कदम से ही आरम्भ होता हैं, अत: लछ्य की तरफ पहला कदम रखिए तो सही.

सुविचार 955

सुख और संतोष….

दूसरों के प्रति प्रेम पूर्ण बनिए, दुसरो से अपेक्षा कम रखिये, सुख की चाह में रहने वाला अक्सर दुःख, संकट और रोग का सामना करता है, वहीँ संतोष और धैर्य के साथ रहने वाले को सुख, शांति और स्वास्थ्य स्वयं प्राप्त होते है !!!

सुविचार 952

सिर्फ हवा में बातें करने वाले या कोरी गपबाजी करने वालों का प्रभाव ज्यादा समय तक नहीं टिक पाता और एक दिन लोग उनकी बातों को सुनना ही छोड़ देते हैं. यदि आप अपने साथ ऐसा नहीं होने देना चाहते तो जो भी कहें. पहले उस की सत्यता परख लें.

सुविचार 951

जब हम अपनी योग्यता जान लेते हैं, तो दूसरों को भी वैसी दृष्टि दे सकते हैं. बहुत से व्यक्ति जितना वह सोचते थे, उससे कहीं आगे बढ़ गए, क्योंकि उन्हें कोई ऎसा मिल गया, जो सोचता था कि वे इससे भी आगे जा सकते हैं .
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