सुविचार 926

अपने ऊपर विश्वास रखें. यह विश्वास ही वह अटूट तार है, जिस के सहारे ह्रदय स्पंदित होता है.

सुविचार 925

लोगों का व्यवहार हमारा भाग्य ना बना सकते है और ना बिगाड़ सकते है ; _

_ उनका व्यवहार उनका कर्म है, उनसे उनका भाग्य बनता है.

सुविचार 923

मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं, वह उन का निर्माणकर्ता, नियंत्रक और स्वामी है.

सुविचार 922

जो आज वर्तमान है उसे ही देखिए, उसे आज ही संवारिए, आज का संघर्ष कल की सफलता है.
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