सुविचार – अंतर्मुखी लोगों की विशेषताएं – 1005
अंतर्मुखी लोगों की तीन विशेषताएं होती है. —
अंतर्मुखी लोगों की तीन विशेषताएं होती है. —
🌟 *2.* प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट चुप रहकर बैठें.
🌟 *3.* पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा पुस्तकें पढ़ें.
🌟 *4.* 70 साल की उम्र से अधिक आयु के बुजुर्गों और 6 साल से कम आयु के बच्चों के साथ भी कुछ समय व्यतीत करें.
🌟 *5.* प्रतिदिन खूब पानी पियें.
🌟 *6.* प्रतिदिन कम से कम तीन बार ये सोचे की मैने आज कुछ गलत तो नही किया.
🌟 *7.* गपशप पर अपनी कीमती ऊर्जा बर्बाद न करें.
🌟 *8.* अतीत के मुद्दों को भूल जायें, अतीत की गलतियों को अपने जीवनसाथी को याद न दिलायें.
🌟 *9.* एहसास कीजिये कि जीवन एक स्कूल है और आप यहां सीखने के लिये आये हैं. जो समस्याएं आप यहाँ देखते हैं, वे पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं.
🌟 *10.* एक राजा की तरह नाश्ता, एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक भिखारी की तरह रात का खाना खायें.
किसी के दुख और तकलीफ को महसूस करके खुद, जिसकी आँख भर आए उसे “इंसान” कहते हैं.
हुकूमत बाजुओं के ज़ोर पर तो कोई भी कर ले, जो सबके दिल पे छा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.
वैर की आग से जलती हुई नफरत की खेती पर, सुकून ओ चैन बरसाए उसे “इंसान” कहते हैं.
सिकंदर भी खाली हाथ ही जाते हैं दुनिया से, जो कुछ नेकी कमा जाए उसे “इंसान” कहते हैं.
राह ए जिंदगी में जब सहारे छूट जाएं सब, कभी जो ना डगमगाए उसे “इंसान” कहते हैं.
उलझन रोज़ आएगी है जब तक जिंदगी अपनी, जो हर मसले को सुलझाए उसे “इंसान” कहते हैं.
हर मुश्किल के पत्थर को बना कर सीढ़ियाँ अपनी, जो मंज़िल पर पहुंच जाए उसे “इंसान” कहते हैं.
..यह तो बस मानव जीवन की कहानी है..!!
– जब भी एक सामन्य व्यक्ति १ घंटे से ज्यादा समय तक बोलता है तो वह अपने होश खो देता है, _
_ और अनजाने में कुछ ऐसी बातें बोल देता हैं ; जो उसे नहीं बोलनी चाहिए !!
1. अपना काम गुप्त तरीक़े से करना पसंद करते हैं.
2. दुनिया को तब तक नहीं बताते _ जब तक कि उनका काम शत प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता.
3. किसी से भी उलझना पसन्द नहीं करते _ बल्कि किनारे से निकल जाना ज़्यादा पसन्द करते हैं.
4. बोलते कम हैं _ सुनते ज़्यादा हैं.
5. सुनते सबकी हैं _ लेकिन करते अपने मन की हैं.
_ अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए, अपनी खुशी के लिए, आप को खुद प्रयास करने के लिए तत्पर और तैयार होना पड़ेगा.
_ जीवन जीने का संयुक्त प्रयास है. दूसरे आप की मदद जरूर करेंगे. पहल आप को करनी है.
_ ऐसे लोगों से दूर रहने में ही आपकी भलाई है.!!
_ उसने भी एक वक्त पर किसी की हद से ज़्यादा परवाह की होगी.!!
_ लेकिन वो अपनी महफ़िल में आपकी चुग़ली करना बहुत पसंद करते हैं.!!
_ थोड़ी राहत, थोड़ी आदत..!!
_ लिखते हुए हम अपने जीये हुए को पुनः जीते हैं और अपार पीड़ा से गुज़रते हैं.
_ लिखना कोई आसान काम नहीं,, इसे जीने के लिए भीतर मरना पड़ता है.!!