सुविचार 1000

दूसरा भी उन्हीं की सहायता करता है जो खुद अपनी सहायता करते हैं.

_ अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए, अपनी खुशी के लिए, आप को खुद प्रयास करने के लिए तत्पर और तैयार होना पड़ेगा.

_ जीवन जीने का संयुक्त प्रयास है. दूसरे आप की मदद जरूर करेंगे. पहल आप को करनी है.

ज़िन्दगी के सफर में जो जहाँ छूट गए.. मतलब उनका साथ वहीं तक था.!!
जो लोग आपसे फायदा लेकर भी ऐसा दिखाए की आपने उनके लिए कभी कुछ किया ही नहीं है,

_ ऐसे लोगों से दूर रहने में ही आपकी भलाई है.!!

एक व्यक्ति जिसे आज किसी की भी परवाह नहीं है,

_ उसने भी एक वक्त पर किसी की हद से ज़्यादा परवाह की होगी.!!

हो सकता है कि कुछ लोग आपको पसंद ना करते हों,

_ लेकिन वो अपनी महफ़िल में आपकी चुग़ली करना बहुत पसंद करते हैं.!!

मैं तो बस ऐसे ही लिखता और पढ़ता हूँ, क्या वजह हो सकती है,

_ थोड़ी राहत, थोड़ी आदत..!!

_ लिखते हुए हम अपने जीये हुए को पुनः जीते हैं और अपार पीड़ा से गुज़रते हैं.

_ लिखना कोई आसान काम नहीं,, इसे जीने के लिए भीतर मरना पड़ता है.!!

सुविचार 997

आज को संभालने से कल संभल जाता है. भूत, भविष्य की चिंता मे सब कुछ चला जाता है.

सुविचार 996

उन्ही की बुद्धि स्थिर है जो अनुकूलता पा कर हर्षित नहीं होते हैं और प्रतिकूल स्थिति में दुखी नहीं होते हैं.

सुविचार 995

कमजोरी की स्थिति में अपने संकल्प को ढीला न होने दें. धन्य हैं वे लोग जो परीछा में खरे उतरते हैं. परीछा आप के चरित्र को प्रस्तुत करती है.
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