सुविचार 909

दिन भर में कई ऐसे छोटे-मोटे काम हम करतें हैं, जिनको करना बिल्कुल भी जरुरी नहीं होता, इस वक़्त को ही हम रचनात्मक कामों में लगा सकतें हैं .

सुविचार 908

जैसे जल के द्वारा अग्नि को शांत किया जाता है . वैसे ही ज्ञान के द्वारा मन को शांत रखना चाहिए.

सुविचार 907

व्यवहार पोशाक की तरह होना चाहिए, अति तंग नहीं बल्कि ऐसा कि जिस में हरकत और कसरत आसानी से हो सके अर्थात व्यवहार लचीला रखें.

सुविचार 906

जीवन का एकमात्र उद्देश्य यह होना चाहिए कि हम जैसे हैं, वैसे ही दिखें और जैसे बन सकते हैं, वैसे बनें.

सुविचार 905

वादा करने में देरी करो लेकिन वादा निभाने में देरी नहीं करनी चाहिए.

सुविचार 904

यदि आप शत्रु से सुलह करना चाहते हैं, तो जब जब वह आपकी बुराई करे, आप उस की तारीफ़ व भलाई करें.
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