सुविचार 903

जो चिंतित रहता है उसे शांति कहाँ ? और जब शांति ही नहीं, तब सुख कहां से होगा ?

सुविचार 902

इस विश्व में शान्ति हासिल हो या न हो, हमें इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए काम करते रहना चाहिए. अगर हमारे दिमाग में गुस्सा भरा है तो हम मानव मेधा के बेहतरीन हिस्से बुद्धिमता यानी सही और ग़लत के बीच फैसला करने की छमता को खो देंगे.

सुविचार 901

प्रेम, दया, वात्सल्य, परोपकार, अहिंसा, हंसना, रोना,मानवता आदि गुण मानवता के अलंकार माने जाते हैं, किन्तु आज मानव अपनी संवेदनाएं भूल रहा है. वह न दूसरों के दुख में रोता है, न सुख में हंसता है और न ही अपनी भावनाएं जाहिर करता है.

आपाधापी के इस दौर में सिर्फ कमाने एवं दूसरों से आगे निकलने की होड़ में ही न लगे रहें. हम मानव हैं और हमारे पास एक प्यारा सा मन है, उस का भी ध्यान रखें, ताकि मानवता बची रहे.

सुविचार 900

विचार व्यक्ति के व्यक्तित्व का आईना हैं. इस से आने वाली जिंदगी की बुनियाद पड़ती है. जैसी हमारी मानसिक कल्पनाएँ और विचार होंगे, हमारा जीवन भी उन्हीं सांचो में ढल जाएगा.

सुविचार 898

चापलूस व्यक्ति आप के मुँह पर वे बातें कहेगा, जो वह कहीं और किसी अन्य व्यक्ति से नहीं कह सकता.
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