सुविचार 831

मन के विकास का संबंध एक संतुलित अवस्था विकसित करने

तथा सोचने से महसूस करने की ओर बढ़ने से है.

सुविचार 830

जिस ने इतना भी जाहिर कर दिया कि उस के पास कोई भेद है, तो उस ने आधा भेद तो खोल दिया, बाकी आधा वह कब तक सुरछित रख पाएगा ?

सुविचार 829

जीवन जीने के लिए सन्तुलन की बड़ी आवश्यकता है और सन्तुलन बिगाड़ने के लिए न जाने कितनी- कितनी परिस्थितियाँ हमारे सामने रोज आती हैं — यह ध्यान रखना पड़ेगा कि परिस्थिति कुछ भी हो, हमें अपने आप को सम्भालना है.

सुविचार 828

सुख, सुविधा और सुरछा — ये तीन ऐसे बिन्दु हैं, जिन्हे केन्द्र बना कर और स्वयं परिधि बन कर मनुष्य चक्कर काटता रहता है.

सुविचार 827

एक स्वस्थ दिमाग की यह खूबी है कि न केवल वह स्वयं काम में लगा रहता है, बल्कि औरों को भी रचनात्मक कार्य में संलग्न रखता है.

सुविचार 826

कोई भी आदमी इतना महत्त्वहीन नहीं होता कि उस का उदाहरण दूसरों के सामने न रखा जा सके.
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