सुविचार 837

भाग्यवादी नहीं भाग्यशाली बनिए. आपकी कड़ी मेहनत, सच्ची लगन और दृढ़ निश्चय दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में तब्दील कर सकता है.

सुविचार 836

बुरे शब्द किसी को शारीरिक चोट नहीं पहुँचाते हैं, पर दिल को तोड़ देते हैं.

सुविचार 835

अपने को परिस्थितियों का गुलाम कभी न समझो, आप स्वयं अपने भाग्य के विधाता हो. 

सुविचार 834

किसी से ईर्ष्या करके मनुष्य उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकता, पर अपनी नींद और सुख चैन अवश्य खो देता है.

सुविचार 833

परिवर्त्तन से डरना और संघर्ष से कतराना मनुष्य की सब से बड़ा कायरता है.

सुविचार 832

पहचान से मिला काम थोड़े बहुत समय के लिए रहता है लेकिन काम से मिली पहचान उम्रभर रहती है.
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