सुविचार 886 | Aug 11, 2015 | सुविचार आदमी की परख उस के पास रहने से होती है. किसी आदमी को यों ही बुरा कह देना तब तक ठीक नहीं जब तक समीप से उस के गुणदोषों की परीछा न कर ली जाए.
सुविचार 885 | Aug 11, 2015 | सुविचार प्रसन्न ह्रदय मनुष्य वह सूर्य है, जिस की किरणें अनेक हृदयों के शोक रूपी अन्धकार को दूर भगा देती है.
सुविचार 884 | Aug 6, 2015 | सुविचार मन में हमेशा अच्छे विचार और अच्छे अहसासों को ही जगह दीजिए, ताकि दिमाग में सदा पॉजिटिव तरंगों का उदय हो.
सुविचार 882 | Aug 5, 2015 | सुविचार अपनी मस्ती में गुनगुनाता वही है, जो अन्दर से शान्त है, संतुष्ट है, विचारों से रिक्त है, सन्तुलित है, मर्यादित है.