सुविचार 893

हमेशा यह मान कर चलिए कि आप को कोई भी वस्तु पूर्णतया इच्छित रूप से नहीं मिलेगी. हर काम आप की इच्छानुसार नहीं हो सकता है.
इच्छित वस्तु पाने की कोई गारंटी नहीं होती, सम्भावना होती है.
_ यह सम्भावना ही हमें कर्म के लिए प्रेरित करती है.!!

सुविचार 892

उतार- चढ़ाव किसके जीवन में नहीं आते ? उनसे घबराओ मत, अडिग रहो. मन को सकारात्मक विचारों से भर दो, तो हर परिस्थिति आपके आगे तुच्छ हो जाएगी.

सुविचार 891

मान कर ही चलें कि जीवन में परेशानियों का अन्त नहीं, आप खुद को इतना मजबूत बनाएँ कि एक- एक कर इनका सामना कर सकें.

सुविचार 890

किसी भी बात को उत्तेजना में या अतिउत्साहित होकर कभी व्यक्त न करें, यह अपरिपक्वता की निशानी है.

सुविचार 889

गलतियाँ, हादसे किस इनसान के साथ नहीं होते ? इस पर हार मान कर बैठ जाना, उदास होना, आत्मविश्वास खो देना कतई सही नहीं है.
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