सुविचार 875

अपने चाहने वालों को बेहतर उपदेश, आप अपने मुख के बजाय अपने जीवन से दे सकते हैं. महान बनने के लिए वाणी और जीवन में समानता सबसे पहली जरुरत है.

सुविचार 874

प्रतिभा किसी बड़े काम को शुरू तो कर लेती है, किंतु कठोर श्रम ही उसे पूरा करता है.

सुविचार 873

संकटों और दुखों से तो तभी छुटकारा मिल सकता है, जब उससे मुक्ति पाने के लिए, प्रयास किये जाएँ.

सुविचार 872

सज्जन वही है जो उन व्यक्तियों का भी सम्मान करता है, जो उस के किसी काम नहीं आ सकते.

सुविचार 871

उत्तम पुरुषों की यह रीति है कि वह किसी भी काम को अधूरा नहीं छोड़ते.
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