सुविचार 960
सदैव नम्र हो कर चलें. बड़ी घास जल जाती है और दूब, जो नीची होती है, बनी रहती है.
दूसरों के प्रति प्रेम पूर्ण बनिए, दुसरो से अपेक्षा कम रखिये, सुख की चाह में रहने वाला अक्सर दुःख, संकट और रोग का सामना करता है, वहीँ संतोष और धैर्य के साथ रहने वाले को सुख, शांति और स्वास्थ्य स्वयं प्राप्त होते है !!!