सुविचार 789

अगर आप कुछ पाने के लिए जी रहे हैं तो उसे वक़्त पर हासिल करो, क्योंकि ज़िंदगी मौके कम और धोखे ज्यादा देती है.

सुविचार 787

प्यार और विश्वास के धागों में..बांध लो रिश्तों को,

नफरत, शक, नाराज़गी, ज़रुरत..ने हमेशा तोड़ा हैं,

कभी जोड़ा नहीं किसी को…

सुविचार 786

जो बात को तुरन्त समझ लेता है, सुनने योग्य बातों को एकाग्रचित्त हो सुनता है और व्यर्थ की बातों में रूचि नहीं रखता, खूब सोच विचार करके ही कोई काम शुरू करता है और हाथ में लिए काम को अधूरा नहीं छोड़ता, जो बिना पूछे किसी को सलाह नहीं देता, वही बुद्धिमान है.

सुविचार 785

इन्सान में अगर बुराईयाँ है, तो अच्छाईयां भी है. सवाल यह है कि किसका चुनाव क्या है ?

_ वह अपने भीतर के श्रेस्ठतर को बाहर निकालना चाहता है या निम्नतर की व्याख्या में ही सीमित रहना चाहता है.

अच्छे और बुरे का चुनाव करने का अधिकार हमें कहां प्राप्त है ??

_ हमें तो उन्हें चुनना है जो कम बुरा है.!!

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