सुविचार 869

संसार में सब से शक्तिशाली मनुष्य वह है, जो सब से अधिक अकेला खड़ा हुआ है.

सुविचार 867

ईमानदार व सच्चे दिलवाला स्वयं को सदा हल्का व तनावमुक्त अनुभव करता है.

सुविचार 866

यदि आप दूसरों के दुःख से उदास होते हो, तो दुःख आपके पास नहीं आएगा.

यदि आप दूसरों के आनन्द से हर्षित होते हो, तो हर्ष और आनन्द आपसे दूर नहीं जाएगा.

सुविचार 865

जो अपने सुख के लिए दूसरों को दुःख पहुँचाता और सुख की चाह भी करता है, वह कभी सुख नहीं पाता है.

सुविचार 864

जिसे सफल होना है उसे ही केवल सफलता का शीर्ष अच्छी तरह दिखलायी देता है.
जिन चीजों को जीवन के शीर्ष स्थान पर होना चाहिए, वे सबसे नीचे रखी हुई हैं.
error: Content is protected