सुविचार 857

ज्ञान प्राप्त करने के लिए सर्वप्रथम यह स्वीकार करना पड़ेगा कि हम अनजान हैं.

सुविचार 856

प्रसन्नता प्राप्त करना बड़ा ही कठिन है, क्योंकि दूसरों को प्रसन्न कर के ही इसे प्राप्त किया जा सकता है.

सुविचार 855

एक छोटी- सी चींटी आपके पैर को काट सकती है, लेकिन आप उस के पैर को नहीं काट सकते हैं. इसलिए ज़िन्दगी में किसी को छोटा न समझें, क्योंकि वह जो कुछ कर सकता है, शायद आप न कर पायें.

सुविचार 854

दूसरों को सुनाने के लिए अपनी आवाज ऊंची मत करिए, बल्कि अपना व्यक्तित्व इतना ऊँचा बनाएं कि आपको सुनने की लोग मिन्नत करें.

सुविचार 853

जो विवेक के नियमों को तो सीख लेता है, परन्तु जीवन में उन्हें नहीं उतारता, वह ऐसे आदमी की तरह है जिस ने अपने खेतों में मेहनत की मगर बीज नहीं डाला.

सुविचार 852

जो मजाक किसी को दुख पहुंचाये वो मजाक नहीं, बल्कि किसी को चोट पहुंचाने का एक आसान तरीका है, इससे बुरा कुछ नहीं.
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