सुविचार 948

झूठा सिक्का पहचान लिया जाता है और दोबारा भट्टी में चढ़ा लिया जाता है. जबकि सच्चा सिक्का अपने पूरे मूल्य की प्रतिष्ठा पा कर, सभी लोगों में विनिमय का साधन बनता है. ठीक इसी प्रकार झूठा शब्द, कर्म या चरित्र पहचान लिया जाता है और वह अधोगति को प्राप्त होता है.

 

सुविचार 947

जीवन में सकारात्मक सोच रखें और उन अवसरों की ताक में रहें, जब आप दूसरों की मदद कर सकते हैं.

 

सुविचार 946

इससे पहले कि हम इतने वृद्ध हो जाएं और अपने आप को बदल ही न पाएं,

वे ज़रूरी बदलाव हमें आज ही लाने चाहिए.

सुविचार 945

परस्पर सहयोग से मानवजाति बड़ी से बड़ी आपत्तियों का सामना कर लेती है.

 

सुविचार 944

दुश्मनों की प्रशंसा करने पर उनसे दोस्ती करने का एक मौका हाथ आ जाता है.

 

सुविचार 943

केवल प्रकाश का अभाव ही अन्धकार नहीं, प्रकाश की अति भी मनुष्य की आंखों के लिए अंधकार है.

 

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