सुविचार 845

यों तो जिंदगी जैसे तैसे सभी की गुजर जाती है, पर असली जीना तो उन का है जो एक उद्देश्य के लिए जीते हैं. दरअसल कुछ चाहने और फिर उसे प्राप्त करने की कोशिश में ही आदमी जिंदगी का असली मजा ले सकता है.

सुविचार 844

यह बात कोई महत्त्व नहीं रखती कि आदमी मरता कैसे है, बल्कि यह कि वह जीता किस तरह है.

सुविचार 843

एक ही चोट कह देती है, हीरा है कि काँच है ..

चेहरा खुद चुगली कर देता है, झूठ है कि साँच है ..

धूल उछाले कोई कितनी ही सूरज की अरुणाई पर,

किँतु समय खुद बतला देता है, नहीँ साँच को आँच है …..

सुविचार 842

बुरे वह लोग नहीं, जो कहते हैं कि आप अपने सपनों को हासिल नहीं कर सकते, बल्कि बुरी आपकी वह सोच है जो इस बात को सच मानने लगती है.

सुविचार 841

प्रकृति का तमाशा भी खूब है. सृजन में समय लगता है, जबकि विनाश कुछ ही पलों में हो जाता है.
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