सुविचार 847

एक इन्सान अगर चाहे तो अपनी बातों से सामने वाले की ज़िन्दगी सँवार सकता है, चाहे तो बिगाड़ सकता है. – – – – – क्योंकि आपके शब्द ही हैं, जो एक तरफ सामने वाले को सकारात्मक ऊर्जा दे सकते हैं, तो दूसरी तरफ उसे नकारात्मकता की खाई में ढकेल सकते हैं.

सुविचार 846

जीवन में कभी बड़ा बनो तो छोटों को कभी मत भूलना, क्योंकि छोटों की वजह से ही आप बड़े बने हो.

सुविचार 845

यों तो जिंदगी जैसे तैसे सभी की गुजर जाती है, पर असली जीना तो उन का है जो एक उद्देश्य के लिए जीते हैं. दरअसल कुछ चाहने और फिर उसे प्राप्त करने की कोशिश में ही आदमी जिंदगी का असली मजा ले सकता है.

सुविचार 844

यह बात कोई महत्त्व नहीं रखती कि आदमी मरता कैसे है, बल्कि यह कि वह जीता किस तरह है.

सुविचार 843

एक ही चोट कह देती है, हीरा है कि काँच है ..

चेहरा खुद चुगली कर देता है, झूठ है कि साँच है ..

धूल उछाले कोई कितनी ही सूरज की अरुणाई पर,

किँतु समय खुद बतला देता है, नहीँ साँच को आँच है …..

सुविचार 842

बुरे वह लोग नहीं, जो कहते हैं कि आप अपने सपनों को हासिल नहीं कर सकते, बल्कि बुरी आपकी वह सोच है जो इस बात को सच मानने लगती है.
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