सुविचार 853

जो विवेक के नियमों को तो सीख लेता है, परन्तु जीवन में उन्हें नहीं उतारता, वह ऐसे आदमी की तरह है जिस ने अपने खेतों में मेहनत की मगर बीज नहीं डाला.

सुविचार 852

जो मजाक किसी को दुख पहुंचाये वो मजाक नहीं, बल्कि किसी को चोट पहुंचाने का एक आसान तरीका है, इससे बुरा कुछ नहीं.

सुविचार 850

कभी भी कामयाबी को दिमाग में और नाकामी को दिल में जगह नहीं देनी चाहिए, क्योंकि कामयाबी दिमाग में घमण्ड और नाकामी दिल में मायूसी पैदा करती है.

 

सुविचार 849

समय के साथ स्वयं को ढालने में यदि हम सफल हो जाते हैं तो हम हर परिस्थिति को आसानी से स्वीकार कर उसका सामना कर सकते हैं. वहीँ इसके ठीक विपरीत यदि हम स्वयं को समयानुसार नहीं ढालते, तो हम अपने विकास के द्वार को खुद बंद कर देते हैं.

सुविचार 848

शारीरिक स्थिति एवं मानसिक स्थिति एक दूसरे पर आश्रित है. यदि एक ठीक ना हो तो वह दूसरे पर भी बहुत गहरा प्रभाव डालती है. इसलिए दोनों का अच्छा होना एवं स्वस्थ होना अत्यंत महत्वपूर्ण है. इनका संतुलन अनिवार्य है. हमारे लछ्य की पूर्ति भी हमारे शरीर की दशा एवं हमारी मनःस्थिति पर निर्भर करती है.
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