सुविचार 688
जब आप मजबूती से अपने विचारों पर अड़े रहते हैं और लड़ते हैं, तो बड़े से बड़ा तूफ़ान भी आपके सामने घुटने टेक देता है.
ज़िन्दगी आपकी है, उस के जीने का अन्दाज आप का है. यह आप पर निर्भर करता है कि उसे हँसी की खिलखिलाहट से खुशनुमा बनाते हैं या उदासी के घेरे में डूब कर ज़िन्दगी की राह को कठिन बनाते हैं.
_ जब मन ही प्रसन्न नहीं रहेगा तो समय किस काम का, _ तो मन को खुश रखना सबसे जरुरी है.