सुविचार 835

अपने को परिस्थितियों का गुलाम कभी न समझो, आप स्वयं अपने भाग्य के विधाता हो. 

सुविचार 834

किसी से ईर्ष्या करके मनुष्य उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकता, पर अपनी नींद और सुख चैन अवश्य खो देता है.

सुविचार 833

परिवर्त्तन से डरना और संघर्ष से कतराना मनुष्य की सब से बड़ा कायरता है.

सुविचार 832

पहचान से मिला काम थोड़े बहुत समय के लिए रहता है लेकिन काम से मिली पहचान उम्रभर रहती है.

सुविचार 831

मन के विकास का संबंध एक संतुलित अवस्था विकसित करने

तथा सोचने से महसूस करने की ओर बढ़ने से है.

सुविचार 830

जिस ने इतना भी जाहिर कर दिया कि उस के पास कोई भेद है, तो उस ने आधा भेद तो खोल दिया, बाकी आधा वह कब तक सुरछित रख पाएगा ?
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