सुविचार 744

रोग ग्रस्त शरीर सह्य हो भी जाये पर रोग ग्रस्त मन नहीं. आदर्श विहीन व्यक्ति पतवार रहित नाव के समान है.

सुविचार 743

हम रोज दिन में कई बार नफ़रत का बीज बोते हैं और जब पौधा बड़ा हो जाता है तो,

_ उसके फल खा कर चीखतें हैं.. कि धरती ने हमारे साथ धोखा किया है.

पौधा हो या विचार, पनपेगा वही जिसे आप पानी देंगे..!!

सुविचार 742

नकारात्मक सोचने वाला हर तथ्य में कमी ढूँढ ही लेता है. जबकि सकारात्मक, कमी में भी अच्छाई तलाश लेता है, अतः हमें पता नही चलता लेकिन हमारी यही प्रवृत्तियाँ लोगों को स्वतः ही सुख या दुख देते चली जाती है.

सुविचार 740

ज़िन्दगी की सुन्दरता इस बात में नहीं है कि हम कितने खुश रहते हैं, बल्कि इस बात में है कि कितने लोग हमसे खुश रहते हैं.

सुविचार 739

खुद को सुधारने में इतना व्यस्त हो जाओ कि किसी की गलतियाँ देखने के लिए आप के पास समय ही न बचे.
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