जो काम कभी भी हो सकता है, वह कभी नहीं हो सकता. जो शक्ति आज के काम को कल के लिए टालने में खर्च हो जाती है, उसी शक्ति से आज का काम आज ही किया जा सकता है.
सकारात्मक सोच से मानसिक पृष्टभूमि तैयार होती है. मन से आप पूरी तरह आशावादी और संघर्ष के किसी भी मोड़ पर, कुछ भी खो कर बुरा न मानने की प्रवृत्ति अपना लें, तो दुनिया की कोई ताकत लक्ष्य से आपको भटका नहीं सकती.