सुविचार 787

प्यार और विश्वास के धागों में..बांध लो रिश्तों को,

नफरत, शक, नाराज़गी, ज़रुरत..ने हमेशा तोड़ा हैं,

कभी जोड़ा नहीं किसी को…

सुविचार 786

जो बात को तुरन्त समझ लेता है, सुनने योग्य बातों को एकाग्रचित्त हो सुनता है और व्यर्थ की बातों में रूचि नहीं रखता, खूब सोच विचार करके ही कोई काम शुरू करता है और हाथ में लिए काम को अधूरा नहीं छोड़ता, जो बिना पूछे किसी को सलाह नहीं देता, वही बुद्धिमान है.

सुविचार 785

इन्सान में अगर बुराईयाँ है, तो अच्छाईयां भी है. सवाल यह है कि किसका चुनाव क्या है ?

_ वह अपने भीतर के श्रेस्ठतर को बाहर निकालना चाहता है या निम्नतर की व्याख्या में ही सीमित रहना चाहता है.

अच्छे और बुरे का चुनाव करने का अधिकार हमें कहां प्राप्त है ??

_ हमें तो उन्हें चुनना है जो कम बुरा है.!!

सुविचार 784

फलदार पेड़ और गुणवान व्यक्ति ही झुकते है ,

सुखा पेड़ और मुर्ख व्यक्ति कभी नहीं झुकते.

सुविचार 782

जीवन कभी हार न मानने वाला संघर्ष है. कठिनाईयों में जीना सीखें, सफलताओं पर गरूर न करें और आने वाले स्पीड ब्रेकरों का ध्यान रखें. जीवन निरंतर परिवर्तनशील है, इसे जीना ही सुख है, परेशानियां भी सुख का हिस्सा हैं, परेशानियां, असफलताएं वे मेहनत हैं, जो किसी भी अच्छे काम में सामने आती हैं. जीवन होता ही ऐसा है. जीवन में हर छण सुखद नहीं होता. कभी ख़ुशी कभी गम जीवन का हिस्सा हैं, इन से भाग नहीं सकते.
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