सुविचार 617

व्यर्थ की बातें सोचने से, हमें तनाव के सिवा कुछ भी हासिल नहीं होता.

सुविचार 616

कुछ लोग अपनी बीमारी का रोना हमेशा रोते रहते हैं, इस से न सिर्फ वे मानसिक रूप से कमजोर होते हैं, बल्कि नकारात्मक बातों से सामने वाले को भी बीमार बना देते हैं.

सुविचार 615

संसार बहुत विचित्र है, कोई एक- दूसरे को देख कर खुश नहीं होने वाला, इसलिए दूसरे के सामने अपने दुःख की कहानियाँ न सुनाना. आप खुद शक्तिशाली बन जाएँ, तो दुनिया प्यार करती है, नहीं तो उखाड़ कर फ़ेंक देती है. अन्दर से प्रबल शक्ति वाला व्यक्ति हर परिस्थिति का सामना कर सकता है.

सुविचार 614

समस्याओं को कुछ देर दिमाग में रखेंगे, तो ठीक है. लेकिन जैसे- जैसे दिमाग में रखने का समय बढ़ता जाएगा, पीड़ा भी बढ़ती जाएगी.
समस्याओं को हमेशा अपने बगल में रखें, ताकि वे आपको नुकसान न पहुँचाए और आपको याद भी रहे कि आपको इसका हल ढूँढ़ना है.

सुविचार 613

अपनी ऊर्जा को मानसिक शान्ति के साथ, खुद के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए.
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