यह विचार त्याग दें कि दूसरे आप के काम की तारीफ़ करेंगे, क्योंकि हर किसी का दृष्टिकोण भिन्न- भिन्न होता है. कुछ लोगों के लिए आप सही होते हैं, तो कुछ लोगों के लिए कुछ माने नहीं रखते. इसलिए आप केवल अपने कार्य पर ध्यान केन्द्रित रखें.
प्रत्येक व्यक्ति का ईमानदारीपूर्वक किया गया प्रयास ही किसी सामूहिक कार्य को सफल बना सकता है. यह सोचना कि बाकी लोगों के प्रयासों से ही मेरा भी काम हो जायेगा —– असफलता की शुरुआत यहीं से होती है.
वर्त्तमान में जीना सीखें. कल क्या होगा, इस बात की ज्यादा फ़िक्र करेंगे, तो जो काम आपके हाथ में है, वह भी बिगाड़ लेंगे. काम के दौरान अपने दिमाग को एकदम शान्त रखें, क्योंकि तनाव के साथ कोई भी काम बेहतर तरीके से नहीं किया जा सकता है.