सुविचार 696

यह विचार त्याग दें कि दूसरे आप के काम की तारीफ़ करेंगे, क्योंकि हर किसी का दृष्टिकोण भिन्न- भिन्न होता है. कुछ लोगों के लिए आप सही होते हैं, तो कुछ लोगों के लिए कुछ माने नहीं रखते. इसलिए आप केवल अपने कार्य पर ध्यान केन्द्रित रखें.

 

सुविचार 695

जिसको लगन है वह साधन भी पा जाता है, यदि नहीं पाता तो उन्हें पैदा करता है.

सुविचार 694

प्रत्येक व्यक्ति का ईमानदारीपूर्वक किया गया प्रयास ही किसी सामूहिक कार्य को सफल बना सकता  है. यह सोचना कि बाकी लोगों के प्रयासों से ही मेरा भी काम हो जायेगा —– असफलता की शुरुआत यहीं से होती है.

सुविचार 693

वर्त्तमान में जीना सीखें. कल क्या होगा, इस बात की ज्यादा फ़िक्र करेंगे, तो जो काम आपके हाथ में है, वह भी बिगाड़ लेंगे. काम के दौरान अपने दिमाग को एकदम शान्त रखें, क्योंकि तनाव के साथ कोई भी काम बेहतर तरीके से नहीं किया जा सकता है.

 

सुविचार 692

निराश व ग़मगीन स्वभाव मीठे विष का काम करते हैं. दूसरों के दोष देखते रहना, बे- वजह विरोध करना, ईर्ष्या रखना – जीवन का माधुर्य दूर कर देते हैं.


सुविचार 691

ज़िन्दगी में सकारात्मक नजरिया रखने वाले लोग हार कर भी जीतने की कला जानते हैं और इसलिए उनका स्वागत पूरे संसार में होता है.

 

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