सुविचार 757

आप यह देखें कि मैं किन लोगों की तारीफ़ चाहता हूँ, उन लोगों की जो मुझ पर ईर्ष्या के कारण हँसते हैं या उन लोगों की जो कर्मठता से काम करके सफल होते हैं — खुद से पूछें.

सुविचार 756

ज्ञानी हर बात की आशा अपने से करता है और मूर्ख दूसरों की ओर ताकता है.

सुविचार 755

जीवन में श्रेष्ठ कर्मों को अपना कर ऊँचा उठें. अपने विचारों से, चिन्तन से कभी छोटे न हों.

सुविचार 754

संघर्षहीन जीवन और मृत्यु में अंतर केवल इतना है कि हम सांस लेते हैं.
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