सुविचार 598 | Jan 10, 2015 | सुविचार जीवन कितना अच्छा होता है _ जब कोई कुछ अच्छा _ और न्यायपूर्ण करता है ! ईमानदार आदमी का सोचना लगभग हमेशा न्यायपूर्ण होता है.
सुविचार 597 | Jan 9, 2015 | सुविचार मनुष्य जिस तरह की बातें सोचने लगता है, उसी तरह की उसकी विचार धारा बन जाती है और जिस तरह की विचार धारा बन जाती है, उसी तरह का वह जीवन जीने लगता है.
सुविचार 596 | Jan 9, 2015 | सुविचार कठिनाइयां सब पर आती हैं. बुद्धिमान उसे हंस कर और मूर्ख उन्हें रो कर काटते हैं.
सुविचार 595 | Jan 8, 2015 | सुविचार जीवन का सौन्दर्य मर्यादा के कारण है, अमर्यादित जीवन सौन्दर्यहीन हो जाता है.
सुविचार 594 | Jan 7, 2015 | सुविचार मैं तो वक़्त से हार कर सर झुकाये खड़ा था, _ सामने खड़े लोग खुद को बादशाह समझने लगे..