सुविचार 545

दुनिया में हर किसी सफल इन्सान के पीछे किसी न किसी की प्रेरणा रही है.

सुविचार 542

एक अच्छी और खुशहाल ज़िन्दगी के लिए सन्तुलित रहना बहुत जरुरी है. न तो सुख में बहुत खुश और न ही दुःख में ज्यादा हताश हों.

 

सुविचार 541

इन्सान जब सभ्य होता है तो प्रायः अधिकांश लोगों का चहेता बन जाता है. उस के व्यवहार से मित्रता,प्रेम, सरलता, सहजता आदि गुण झलकते हैं.

सुविचार 540

आप की सक्रियता, कार्य- कुशलता सिर्फ आनन्द के लिए है. जो व्यक्ति अपने संतोष को नहीं जानता है, वह कार्य कुशलता से उत्पन्न होने वाले सुख को नहीं प्राप्त कर पाता.
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