सुविचार 533
क्रोध एक प्रकार की आंधी है, जब वह आती है तो विवेक को नष्ट कर देती है.
जैसे पर्वत शिखरों के बीच से उठती हुई नदियाँ अपने तेज प्रवाह के साथ छोटे- मोटे पत्थरों को भी बहाकर ले जाती है. ऎसे ही आपका उत्साह विघ्न- बाधाओं को पार कर सकता है, अपने उत्साह को कभी ठण्डा मत पड़ने देना, अपने शरीर के रोम- रोम को उत्साह से भरपूर रखिए.