सुविचार 607

इस बात का प्रयास करें कि आप स्वयं अपने भीतर भी वही व्यक्ति हों, जो आप दूसरों के समछ पेश आते हैं.

सुविचार 606

आपको देखना होगा कि आपके किसी भी कृत्य से आपसे जुड़े किसी भी व्यक्ति अथवा प्राणी को कष्ट न पहुँचे.

सुविचार 605

विचार शक्ति तो आपकी वह ऊर्जा शक्ति है, जिसके कारण आप सन्तुलन भी बनाते हैं, समस्याओं से जूझते भी हैं और फिर आपके अन्दर से खोई हुई ख़ुशी भी वापिस आती है.

सुविचार 604

छोटी- सी आपकी यह दृष्टि इसमें सन्तुलन आते ही, इसके बदलते ही, आपके लिए पूरी सृष्टि बदली दिखाई देती है.

सुविचार 603

जो विवेकपूर्ण बुद्धिवाले हैं, वे अपनी सामर्थ्यनुसार कार्य करने की इच्छा रखते हैं और करते भी हैं तथा किसी वस्तु को तुच्छ समझ कर उसकी अवहेलना नहीं करते .

सुविचार 602

यह मनुष्य की सहज वृति है और सारे संसार में है कि आदमी गिरता बड़ी जल्दी है, और उठता बड़ी मुश्किल से है.
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