सुविचार 583 | Jan 4, 2015 | सुविचार मनुष्य में ही जीवन शक्ति का सर्वोत्तम रूप है. जड़ वस्तु में जो शक्ति अच्छी है, बेअख्तियार है. जंतुओं में जो शक्ति प्रवृत्ति के आवेश से परिचालित होती है, मनुष्य में वही शक्ति मन, बुद्धि और ह्रदय की अधिकारिणी हुई है.
सुविचार 582 | Jan 4, 2015 | सुविचार साहित्यकार एक दीपक के समान है, जो जल कर केवल दूसरों को ही प्रकाश प्रदान करता है.
सुविचार 580 | Dec 31, 2014 | सुविचार आशा नहीं है. इस में मनोरथ का जल भरा हुआ है और तृष्णा की अनंत तरंगें लहरें लेती है.
सुविचार 579 | Dec 31, 2014 | सुविचार मानव मस्तिष्क ठीक एक पैराशूट की तरह है, जब तक वह खुला रहता है तभी तक कार्यशील रहता है.
सुविचार 578 | Dec 28, 2014 | सुविचार समस्या को हल करने की तुलना में बहुत से लोग ज्यादा समय और ताकत उस से जूझने में लगा देते है.