सुविचार 492

ज्ञान दो प्रकार का होता है, किसी विषय को हम स्वयं जानते हैं या यह जानते हैं कि उस विषय पर जानकारी कहाँ से मिल सकती है. 

सुविचार 491

अगर नई और पुरानी पीढ़ी एक दूसरे कि भावना को समझ कर परस्पर सामंजस्य बिठाये तो जटिल परिस्थितियां कभी उत्पन्न ही नहीं होंगी, यदि दोनों थोडा- थोडा झुक जाएँ तो खुशियों का वृत्त अपने आप ही पूरा हो जायेगा.

सुविचार 490

 किसी ने सही कहा है, ‘अति घनिष्ठता घातक है’, यदि थोड़ी सी दूरी और एकदूसरे को स्पेस दिया जाए तो न दोस्ती टूटेगी न ही रिश्तों का जुड़ाव काम होगा.

सुविचार 488

 गुण स्वयं सामने आ जाते हैं क्यों कि कस्तूरी को अपनी उपस्थिति प्रमाणित नहीं करनी होती है.

सुविचार 487

अगर लोग केवल जरुरत पर आपको याद करते हैं; तो बुरा मत मानिये बल्कि गर्व कीजिये, क्योंकि एक मोमबत्ती की याद तब आती है, जब अन्धकार होता है.
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