सुविचार 486

आप अगर कल्पना कर सकते हैं, तो आप उसे प्राप्त कर सकते हैं। आप अगर सपना देख सकते हैं, तो आप वह बन सकते हैं.

सुविचार 485

अच्छे और सच्चे रिश्ते न तो ख़रीदे जा सकते हैं न उधार लिए जा सकते हैं ..इसलिए उन लोगो को जरूर महत्व दें जो आपको महत्व देते हैं .

सुविचार 484

अपने दुखों का कारण कभी- कभी इनसान खुद भी होता है. इनसान को यह सच सदा गाँठ बाँध कर चलना चाहिए कि कोई भी कभी भी सब को खुश नहीं कर सकता. आप जितना भी कर लो, कोई न कोई कोना छूट ही जाएगा.
जीवन में बस आधा अपना है, जो हमारे वश में है. बाकी का आधा हमें नहीं पता.
यदि कोई अप्रसन्न है तो वह उसी का दोष है, क्योंकि प्रकृत्ति ने सभी को प्रसन्न बनाया है.

सुविचार 482

सफल वही होता है जो दूसरों की आलोचना से एक मजबूत आधार तैयार करता है.

सुविचार 481

दुनिया का यह नियम है कि जब तक आप दे रहे हैं, यह संसार आपके साथ खड़ा है. जिस दिन आपने हाथ फैलाना शुरू कर दिया, लोगों का व्यवहार बदल जाएगा.
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