आप की सक्रियता, कार्य- कुशलता सिर्फ आनन्द के लिए है. जो व्यक्ति अपने संतोष को नहीं जानता है, वह कार्य कुशलता से उत्पन्न होने वाले सुख को नहीं प्राप्त कर पाता.
जीवन में असफलता या कठिन समय आए तो उस से निराश होने के बजाय व्यक्ति को उस से बाहर निकलने का प्रयत्न करना चाहिए, उम्मीदें उन्हीं की पूरी होती हैं, जो निरन्तर प्रयास करते हैं.