सुविचार 615

संसार बहुत विचित्र है, कोई एक- दूसरे को देख कर खुश नहीं होने वाला, इसलिए दूसरे के सामने अपने दुःख की कहानियाँ न सुनाना. आप खुद शक्तिशाली बन जाएँ, तो दुनिया प्यार करती है, नहीं तो उखाड़ कर फ़ेंक देती है. अन्दर से प्रबल शक्ति वाला व्यक्ति हर परिस्थिति का सामना कर सकता है.

सुविचार 614

समस्याओं को कुछ देर दिमाग में रखेंगे, तो ठीक है. लेकिन जैसे- जैसे दिमाग में रखने का समय बढ़ता जाएगा, पीड़ा भी बढ़ती जाएगी.
समस्याओं को हमेशा अपने बगल में रखें, ताकि वे आपको नुकसान न पहुँचाए और आपको याद भी रहे कि आपको इसका हल ढूँढ़ना है.

सुविचार 613

अपनी ऊर्जा को मानसिक शान्ति के साथ, खुद के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए.

सुविचार 611

सफलता और महानता किसी की बपौती नहीं है. इन्हें तो वे ही प्राप्त करते हैं, जो प्रार्थना के अनुरूप पुरुषार्थ, प्रेरणा के अनुकूल परिश्रम करते हैं.

सुविचार 610

पूरी ज़िन्दगी एक जोख़िम है और सामान्यतः इसमें आगे वही निकल पाता है, जो अपने कर्म के साथ जोख़िम उठाने के लिए तत्पर रहता है.
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