सुविचार 450

आदर्शों में आस्था रखने से ही काम नहीं चलता, आदर्शों पर चलना भी जरुरी है.

सुविचार 448

ज़िन्दगी की जिम्मेदारी कोई डरावनी चीज नहीं है, वह आनन्द से ओत- प्रोत है.

सुविचार 447

आप अगर खुश रहना जानते हैं और लोगों से हंस कर मिलने की आदत रखते हैं, तो यह आपके व्यक्तित्व का बहुत बड़ा गुण है. इसकी बदौलत आप जीवन के हर छेत्र में लोगों के पसंदीदा हो सकते हैं. अगर आपमें यह गुण नहीं है, तो आप बेशक नापसंद किए जा सकते हैं. हर आदमी चाहता है कि एक खुश व्यक्ति के साथ अपना वक्त बिताए, उससे बतियाए. इसलिए जो जितना खुशमिजाज होता है, वह उतना ही पसंद किया जाता है, इसलिए आप भी खुश रहने का प्रयास करिए.

सुविचार 446

वास्तव में इन्सान जो कुछ किसी में देखता है, वह वह नहीं होता जो वह देख रहा होता है. वह वह होता है जो वह देखना चाहता है.

सुविचार 445

जिसकी प्रसन्नता को संसार की विघ्न बाधाएँ छीन नहीं सके, वही सच्चा अमीर है.
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