सुविचार 558

हमारे जीवन का एक ही लछ्य होने पर अपने आन्तरिक संसाधनों का पूर्ण उपयोग करके हम वहाँ तक पहुँच सकते हैं.

सुविचार 556

ज्ञानी अभिमानी होता है कि उस ने बहुत कुछ सीख लिया, बुद्धि विनीत होती है कि अधिक कुछ जानती ही नहीं. – काउपर

सुविचार 555

अगर ज़िन्दगी में कामयाब होना चाहते हो _

_ तो बोलने से ज्यादा सुनने की आदत डालो !!

सुविचार 554

हमारे अन्दर यह दक्षता होनी चाहिए कि, हम कुशल- पूर्वक पूरे कौशल के साथ संसार की समस्याओं का सामना करते  जाएँ .

सुविचार 553

ऐश्वर्य के तिमिर से उत्पन्न अंधता का कष्ट अंजन की शलाका  से भी नहीं मिटता.
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