सुविचार 609

हार के बाद जीतने की इच्छाशक्ति, गिरने के बाद उठ खड़े होने की मानसिकता और सबसे बड़ी बात, विपरीत परिस्थितियों में बिना धीरज खोए, आगे बढ़ने की चाहत होनी चाहिए.

सुविचार 608

अपनी जड़ें मजबूत करो, ताकि आपके जीवन में फूल खिलें. फूल खिलेंगे तो सुगन्ध दूसरों को मिलेगी ही मिलेगी.

_ अगर आपकी अपनी ही जड़ें मजबूत नहीं हैं तो आप इस भ्रान्ति में मत रहना कि आप किसी को सुगन्ध देने में कभी भी समर्थ हो सकते हो.

लोगों ने अनेक भ्रांतियाँ पाली हुई हैं.

_ पैसे वाले आदमी को अक्लमंद समझते हैं, गोरी त्वचा वाले को सुन्दर समझते हैं,
मीठा बोलने वाले को साफ़ दिल का समझते हैं, हर वक़्त मुस्कुराते रहने वाले को लोग सुखी समझते हैं.
_ मित्रों, भ्रम में मत रहो, ज़्यादातर इससे उल्टा होता है.
– Manika Mohini
क्या पैसे वाला और सुन्दर होना बहुत कुछ आसान कर देता है ?
_ हां, आसान भले कर देता हो पर यह सच है कि पैसे वाला ज़रूरी नहीं कि अक्लमंद भी हो और असली सुंदरता दिल और दिमागं की होती है, शरीर की नहीं.!!

सुविचार 607

इस बात का प्रयास करें कि आप स्वयं अपने भीतर भी वही व्यक्ति हों, जो आप दूसरों के समछ पेश आते हैं.

सुविचार 606

आपको देखना होगा कि आपके किसी भी कृत्य से आपसे जुड़े किसी भी व्यक्ति अथवा प्राणी को कष्ट न पहुँचे.

सुविचार 605

विचार शक्ति तो आपकी वह ऊर्जा शक्ति है, जिसके कारण आप सन्तुलन भी बनाते हैं, समस्याओं से जूझते भी हैं और फिर आपके अन्दर से खोई हुई ख़ुशी भी वापिस आती है.

सुविचार 604

छोटी- सी आपकी यह दृष्टि इसमें सन्तुलन आते ही, इसके बदलते ही, आपके लिए पूरी सृष्टि बदली दिखाई देती है.
error: Content is protected