सुविचार 574

कोई भी ऎसा व्यक्ति नहीं है, जिससे कभी कोई गलती नहीं हुई. इसलिए गलती होने पर उसकी जिम्मेदारी भी लें.

सुविचार 573

बदला लेने की भावना वाला व्यक्ति कभी पसंद नहीं किया जाता. इसके विपरीत दूसरों को माफ करने वाला इनसान हर जगह सम्मान पाता है. दरअसल, जब आप किसी को माफ करते हैं, तब आप अपने नहीं, दूसरे के जीवन के बारे में सोचने लगते हो और उसी समय आपके अंदर भलाई की भावना उत्पन्न होने लगती है. आनंदित, खुश, दयालु और उदार रहने का यह एक महान तरीका है. इसलिए कहा गया है, माफी दूसरों को दिया जाने वाला सबसे बेशकीमती उपहार और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली औषधि है.

सुविचार 572

अपनी वाणी की प्रभाव छमता बनाए रखने के लिए हमेशा अर्थपूर्ण शब्दों का ही प्रयोग करें.

सुविचार 571

अच्छा लीडर समस्या पर नहीं, बल्कि हल पर ध्यान देता है. वह किसी को दोष नहीं देता, वह जिम्मेदारी उठाता है और दोबारा काम पर जुट जाता है.

सुविचार 569

समस्त रिश्तों के बीच विश्वाश उसी तरह कार्य करता है, जिस तरह जिंदगी में श्वांस काम करता है.
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