सुविचार 488

 गुण स्वयं सामने आ जाते हैं क्यों कि कस्तूरी को अपनी उपस्थिति प्रमाणित नहीं करनी होती है.

सुविचार 487

अगर लोग केवल जरुरत पर आपको याद करते हैं; तो बुरा मत मानिये बल्कि गर्व कीजिये, क्योंकि एक मोमबत्ती की याद तब आती है, जब अन्धकार होता है.

सुविचार 486

आप अगर कल्पना कर सकते हैं, तो आप उसे प्राप्त कर सकते हैं। आप अगर सपना देख सकते हैं, तो आप वह बन सकते हैं.

सुविचार 485

अच्छे और सच्चे रिश्ते न तो ख़रीदे जा सकते हैं न उधार लिए जा सकते हैं ..इसलिए उन लोगो को जरूर महत्व दें जो आपको महत्व देते हैं .

सुविचार 484

अपने दुखों का कारण कभी- कभी इनसान खुद भी होता है. इनसान को यह सच सदा गाँठ बाँध कर चलना चाहिए कि कोई भी कभी भी सब को खुश नहीं कर सकता. आप जितना भी कर लो, कोई न कोई कोना छूट ही जाएगा.
जीवन में बस आधा अपना है, जो हमारे वश में है. बाकी का आधा हमें नहीं पता.
यदि कोई अप्रसन्न है तो वह उसी का दोष है, क्योंकि प्रकृत्ति ने सभी को प्रसन्न बनाया है.
error: Content is protected