सुविचार 528 | Dec 6, 2014 | सुविचार “दिव्य गुण – सहनशिलता, नम्रता, निर्भयता, अन्तर्मुखता, धैर्यता, मधुरता, हर्षितमुखता, पवित्रता”
सुविचार 527 | Dec 6, 2014 | सुविचार किसी का बड़प्पन इस बात पर निर्भर है कि उसके सोचने का तरीका और काम करने का ढंग क्या है.
सुविचार 526 | Dec 6, 2014 | सुविचार जीवन को अविकसित, असफल बनाने वाले कारणों में श्रम से घृणा और समय की बरबादी ही प्रमुख है.
सुविचार 524 | Dec 4, 2014 | सुविचार जीवन के प्रति जिस व्यक्ति की कम से कम शिकायतें हैं, वही इस जगत में अधिक से अधिक सुखी है.
सुविचार 523 | Dec 4, 2014 | सुविचार चलो माना कि दुनिया बहुत बुरी है, लेकिन आप तो अच्छे बनो, आप को किसने रोका है.