सुविचार 395 | Nov 7, 2014 | सुविचार किसी की बात तुरन्त काटने की आदत न डालें, कोई कुछ बोल रहा है, उसका आधार क्या है, समझने की कोशिश करें.
सुविचार 394 | Nov 6, 2014 | सुविचार हमें अधिक शान्ति मिलती, यदि हम अपने को दूसरों के काम और वचनों में उलझाये न होते ; उन वस्तुओं में न फंसे होते, जिनसे हमारा कोई सम्बन्ध नहीं है.
सुविचार 392 | Nov 6, 2014 | सुविचार जो दूसरों के कामों की आलोचना में ही लगे रहते हैं, वे अपना समय तो व्यर्थ खोते ही हैं, दोष देखने की उनकी आदत बन जाती है और जिनको दूसरों में दोष ही दीखते हैं, उनके ह्रदय की जलन कभी मिट ही नहीं सकती.
सुविचार 391 | Nov 6, 2014 | सुविचार मनुष्य का काम ही होता है कि जीवन में अवसरों को खोज कर अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करे – यही मनुष्य जीवन का उद्देश्य है.