सुविचार 550

अपने भीतर छिपे किसी एक गुण को पहचानें और उसे उच्चतम शिखर तक ले जाएँ, वह एक गुण ही आपको……लोगों की भीड़ में अलग खड़ा करता है.

सुविचार 549

सदैव मर्यादा में चलो, कभी सीमा से बाहर न जाओ, धनजन और यौवन पर गर्व न करो.

सुविचार 547

अगर कोई आपके लिए रोता है तो आप उसका हांथ थामने में कतई देर न करें.

सुविचार 546

“मैं अपनी ‘ज़िंदगी’ मे हर किसी को ‘अहमियत’ देता हूँ…क्योंकि जो ‘अच्छे’ होंगे वो ‘साथ’ देंगे… और जो ‘बुरे’ होंगे वो ‘सबक’ देंगे…!!

सुविचार 545

दुनिया में हर किसी सफल इन्सान के पीछे किसी न किसी की प्रेरणा रही है.
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