सुविचार 383

सफलता हमेशा के लिए नहीं होती, असफलता कभी घातक नहीं होती. यह तो किसी काम में लगे रहने की प्रवृत्ति है जो सचमुच में मायने रखती है.

सुविचार 382

लोगों को आप हमेशा खुश नहीं रख सकते हैं. आप हमेशा उनके मुताबिक नहीं चल सकते. यदि आप ऎसा करने की कोशिश करेंगे, तो कहीं न कहीं खुद के साथ अन्याय करेंगे. सोचिए, हम उन लोगों के नाराज होने से क्यों डरें, जिनकी राय पल भर में हमारे प्रति बदल जाती है. जो कल हमें विनम्र, प्यारा, अच्छा इन्सान कह रहे थे, वह हमें अचानक अभिमानी, गुस्सैल, अहंकारी कहने लगें. आप केवल उन्हें ही अपना मानें, जो आपके ‘ ना ‘ कहने के बावजूद भी आपसे प्यार करे. आपकी ‘ ना ‘ कहने की बजह को समझे. इसलिए दूसरों से सम्मान पाने के लिए अपनी खुशियों का गला न घोटें.

सुविचार 381

दार्शनिक का अर्थ सिर्फ सूछ्म विचारक होना नहीं, बल्कि यह है कि हम ज्ञान के रास्तों पर चलते हुए विश्वास, सादगी और उदारता का जीवन व्यतीत करें.

सुविचार 380

गुरु वही श्रेष्ठ है जिसकी प्रेरणा से किसी का चरित्र बदल जाये और मित्र वही श्रेष्ठ है जिसकी संगत से रंगत बदल जाये.

सुविचार 379

अच्छे लोगों का स्वभाव गिनती के शुन्य जैसा होता है. वैसे तो उनकी कोई कीमत नहीं होती, लेकिन शुन्य जिसके साथ होता है, उसकी कीमत बढ़ जाती है.

सुविचार 378

 दूसरों की खूबियों को देख कर जलना बन्द करें. आपके पास जो है, उसी में संतोष करना सीखें, वरना आप हमेशा दुखी रहेंगे.
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