सुविचार 433

जो व्यक्ति दूसरों की भलाई चाहता है, उस ने अपना भला पहले ही कर लिया.

सुविचार 432

जीवन की बहुत- सी चीजों को लोग पहचान नहीं पाते हैं या उन का महत्व तब समझते हैं, जब उन्हें खो देते हैं.

सुविचार 431

सच्चा विवेक इस में है कि हम सर्वोत्तम जानने लायक को जानें और सर्वोत्तम करने लायक को करें.

सुविचार 430

आप अहसान को कभी दौलत से नहीं चुका सकते क्योंकि अहसान के साथ एक ‘जरुरत के समय’ का लफ्ज जुडा है.

सुविचार 429

गुस्से को शरबत के घूंट की तरह पी जाओ क्योंकि जहां तक उस के अंत का संबंध है, इस से अच्छी और आनंददायक कोई वस्तु नहीं.

सुविचार 428

इस युग में पढ़ना तो सबको आ गया, लेकिन क्या पढ़ना चाहिए, यह सबको नहीं आया.
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