सुविचार 478

बुराइयां ही क्लेश की जड़ हैं जो हमारे द्वारा दूसरों को दुख देने का कारण बनती हैं, शायद उस से भी ज्यादा हमें दुखी रखने का. अपनी बुराइयों पर विजय पाना ही आत्मजयी होना है.

सुविचार 477

जब आपका ह्रदय ऊँचा होगा, उदारता आपके अन्दर आएगी, तो संसार में आप एक नई तरह से जियेंगे.

सुविचार 476

जिस व्यक्ति के शुष्क ह्रदय में सद्भावनाओं के लिए, सदविचारों के लिए स्थान नहीं, उसके द्वारा जीवन में कोई श्रेष्ठ कार्य बन पड़े — यह लगभग असंभव- सा है.

सुविचार 475

हमें भय के कारण सन्धि वार्त्ता नहीं करनी चाहिए, परन्तु सन्धि वार्त्ता करने से भय भी नहीं करना चाहिए.

सुविचार 474

जीवन में आप जितने कष्टों और विपत्तियों का विरोध करेंगे, उतना अधिक ही वे आपको परेशान करेंगी. जितना अधिक आप उनको स्वीकार करेंगे, उतनी अधिक आसानी से वे आपको छोड़ देंगी.

सुविचार 473

सफल व्यक्ति हमेशा आगे की सोचता है. अगर वह किसी विषय या वस्तु के अवलोकन या मूल्यांकन में समय लगाता है, तो वह भविष्य में उससे लाभ हो सकने की संभावनाओं पर भी सोचता है.
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