सुविचार 284

अगर आपके मन में गड़बड़ है तो, उसको ठीक करने की जिम्मेदारी भी आप ही को उठानी होगी.

सुविचार – Altu-faltu Baatein – आलतु–फालतू बातें – 283

सबसे ज़्यादा altu-faltu बातें वो होती हैं, जो सुनने में ज़रूरी लगती हैं पर ज़िंदगी में कुछ जोड़ती नहीं.

जैसे –
_ लोग क्या कहेंगे — बिना ये देखे कि वो लोग खुद क्या और कैसे जी रहे हैं ?
_ तुलना [Comparison] — किसी और की reel से अपनी real life तौलना.
_ स्टेटस [Status] और image [इमेज ] की चिंता — जबकि अंदर सब बिखरा है.
_ Future का बेकार anxiety — जिस पर हमारा control ही नहीं.
_ Past को बार-बार घूमना — जिससे कुछ सीखा नहीं जा रहा.
_ हर बात पर opinion देना — बिना experience के.
_ Busy दिखना — productive होने के नाम पर.
_ झूठी positivity — जब अंदर सब थका हो.
_ ज़रुरत से ज़्यादा समझना — लोगों को समझना ही नहीं चाहते.
Altu-faltu बात की पहचान simple है :
_ जो आपको ज्यादा शोर दे, पर जरा-सी भी स्पष्टता [clarity] न दे.
_ मेरे जैसे लोग अक्सर इसी शोर से थक जाते हैं..-
_ इसलिए ये कम बोलते हैं, गहरा सोचते हैं, और बेकार बातों से स्वाभाविक [naturally] रूप से दूर हो जाते हैं.!!

सुविचार 282

जो सब से ज्यादा व्यस्त है वह ही सब से अधिक समय निकाल सकता है. सुस्त व कामचोर ही हमेशा समय की कमी का रोना रोते रहते हैं.

 

सुविचार 281

समय और परिश्रम मनुष्य के दो सर्वोत्तम चिकित्सक हैं. परिश्रम से भूख तेज होती है और संयम अतिभोग को रोकता है.

सुविचार – अनजान- अनजाने लोग – Unknown people – 280

और यही तो सोचने वाली बात है, कि कैसे कुछ लोग यूँ ही टकरा जाते हैं और ख़ास हो जाते हैं.!!
सार्थक संबंध बनाएं : ऐसे लोग जो आपकी आत्मा को सांस लेने में मदद करें, न कि केवल आपके अहंकार को हंसाएं और बकवास करें.!!
कभी-कभी जीवन में ऐसा भी होता है कि कोई इंसान वर्षों तक हमारी दुनिया से अनजान और गुम सा रहता है, और फिर एक दिन अचानक हमारे सामने आ खड़ा होता है,

_ हैरानी की बात यह होती है कि हम उसे पहले से नहीं जानते, फिर भी उसके आने से एक अजीब-सी परिचित अनुभूति महसूस होने लगती है…!
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम न जानते हैं, न कभी उनसे मिले होते हैं, न बात हुई होती है, न उन्हें देखा होता है- फिर भी जाने कैसे उनके लिखे हुए कुछ शब्द मन तक पहुँच जाते हैं और बिना किसी परिचय के भी एक अजीब सी तसल्ली दे जाते हैं.!!

सुविचार 279

द्वेष रखने वाला, मर्म स्थान पर प्रहार करने वाला, कठोर वाणी बोलने वाला, विरोध रखने वाला तथा धूर्त, बुरे कर्म करता हुआ शीघ्र ही बड़ी विपत्तियों में घिर जाता है.
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