सुविचार 376

अपने ज्ञान को बढ़ाने में इतना समय लगाओ कि , दूसरों कि आलोचना का समय ही ना मिले .

सुविचार – ज़िन्दगी वाह वाह और कभी लगती है आह आह ! – 375

बाहर की दुनिया में कुछ नहीं बदलता, सब कुछ वैसे का वैसा चलता रहता है..

_ बस भीतर की दुनिया में हलचल मचती है तो कभी ज़िन्दगी लगती है वाह वाह और कभी लगती है आह आह !
– Manika Mohini
कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है.

_ अजी, कितनी बार सुनेंगे यह बात ?
_ जाइए, हमें कुछ नहीं पाना, क्योंकि जो हमारे पास है, वह इतना सुंदर, महत्वपूर्ण और कीमती है कि उसे खोकर हम कुछ पाना ही नहीं चाहते.
Its better to have one in hand than two in the bush.
– Manika Mohini
ऐ दोस्त ! ज़िन्दगी से न इतना निराश हो..
_सूखी भी है नदी तो समझ रास्ता हुआ !
– दुष्यन्तकुमार

सुविचार – हमें ज़िंदगी से ही खुशी के लम्हें चुराने होते हैं. – 374

पूरी जिन्दगी एक जोख़िम है और आमतौर पर सबसे आगे वही निकलता है, जो कर्म और साहस के साथ यह जोख़िम उठाने के लिए तत्पर रहता है.
ज़हन जब बहुत भारी हो जाए तो निकाल देना चाहिए गुबार,

_ कह देना चाहिए या फिर उतार देना चाहिए उसे कागज़ पर..
_ ज़िंदगी बोझ लेके जीना का नाम नहीं है.
_ ये एक पानी का बुलबुला है ..पता नही कब फट जाए.
_ जो लम्हा हम जी रहे हैं ..बस यही सच है.
_ ज़िंदगी नाकाम चीज़ों के लिए ..उदास होने का नाम नहीं.
_ ज़िंदगी ला हासिल वजूद के लिए ..तड़पते रहने का नाम भी नहीं.
_ हमें ज़िंदगी से ही खुशी के लम्हें चुराने होते हैं.
_ लेकिन इंसानी फितरत यही है कि ..वो भागता फिरता है ..उस शे के पीछे ..जिसे पाया नहीं जा सकता है.
_ हम आने वाले कल के लिए ..आज खराब कर लेते हैं.
_ सच तो ये है कि हर छोटे से छोटे लम्हें में खुशी छुपी होती है,
_ लेकिन हम बड़ी खुशियों को, ख्वाबों को पाने के लिए इतना पागल होते हैं कि..
..जो मिल जाता है ..उसको अनदेखा कर देते हैं.
_ हमने छोटे छोटे लम्हों को सेलिब्रेट करना छोड़ दिया है.
_ हम लगातार भाग रहे हैं ..जिसमें हम हांफने लगते हैं.
_ तो रुकिए थोड़ा सांस लीजिए, दिल पर हाथ रखिए और ख़ुद से कहिए..
_ जो है वो बहुत अच्छा है.
_ आने वाले कल के लिए, अपने ख्वाबों के लिए कोशिश करिए,
_ लेकिन जो आज है उसे अनदेखा न करिए, उसकी बेकद्री न करिए.
_ क्योंकि पता नही कुदरत कब खफा हो जाए आपसे..!!
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