सुविचार 4563

हित चाहने वाला पराया भी अपना है, और अहित करने वाला अपना भी पराया है.
एक बार जो पराया महसूस करवा दे, फ़िर वो लाख अच्छी बातें कर ले वो पराया ही लगता है.!!

सुविचार 4561

भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियों को बता देना, सबसे बड़ी मूर्खता हैं !!
अपना काम अच्छी तरह करने से बड़ा कुछ नहीं है.
_ जो काम आपके सामने है वो ना करके दुनिया जहान की चिंता करते रहें, ये मूर्खता होती है.

सुविचार 4560

कोई भी उलझन हमें तब तक परेशान करती है,

_ जब तक हम उलझन को सुलझाने का प्रयास नहीं करते.

प्रयास ऐसे करो की हारते हारते कब जीत जाओ.. _ किसी को पता ही ना चले.!!
प्रयासशील व्यक्ति के लिए इस जगत में कुछ भी असम्भव नहीं.

सुविचार 4558

उम्मीद से कम मिली हुई चीज़ तो खुद को ही चुभती है,

लेकिन उम्मीद से ज्यादा मिली हुई चीज,,,,लोगों को चुभने लगती है..

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