सुविचार – कीमती – Valuable – 4557

खो देने के बाद ही ख्याल आता है, कितना कीमती था !!

” समय, व्यक्ति और संबंध “

अपने जीवन को इतना सस्ता या बेकार मत बनाइये कि.. सबसे हल्की चीजें भी आपको बहुत कीमती लगने लगें.. और मूल्यवान चीजें बेकार लगने लगे.!
कभी-कभी हम उन चीजों की कामना करते हैं जो हमारे पास नहीं होतीं और बाद में हमें एहसास होता है कि हम उन्हें क्यों नहीं पा सके,

_ क्योंकि उनसे बेहतर चीजें हमारा इंतजार कर रही थीं.
हम आम इंसान हैं, किसी भी वस्तु का असली मूल्य हमें उसके खो जाने के बाद ही ज्ञात होता है,

_ जब तक वह हमारे सामने रहती है, हम उसे महत्वहीन मानकर उपेक्षा कर देते हैं..
_ परंतु जैसे ही वह हमसे दूर हो जाती है, हमें उसकी कमी खलने लगती है..
_ इसी भूल में हम न जाने कितनी अनमोल वस्तुओं को हमेशा के लिए खो बैठते हैं.!!
हम साधारण मनुष्य हैं किसी भी चीज़ की अहमियत हमें अक्सर उसके खो जाने के बाद ही समझ आती है

_ जब तक कोई वस्तु हमारे सामने होती है, हम उसे सामान्य मानकर उसकी क़ीमत भूल जाते हैं..
_ ठीक इसी भांति, मैने अपने जीवन में अनेकों जादुई चीज़ें, लोग, और एहसास बिना समझे, बिना सँभाले खो दिए हैं..
_ पर अब से जो पहले खो दिया, वो खो गया.. मगर अब किसी को नहीं खोना..
_ क्योंकि कुछ रिश्ते, कुछ पल दूसरी बार नहीं मिलते.!!
“जीवन की कई नेमतें हमें तब दिखाई देती हैं, जब वे दूर हो जाती हैं ;

_ सजगता का अर्थ है उन्हें दूर जाने से पहले पहचान लेना”
_ जब तक हम किसी चीज़ के बीच से गुज़र रहे होते हैं, हमें उसकी अहमियत पता नहीं चलती.
_ जब हम उसमें से गुज़र कर बाहर निकल आते हैं, तब हमें उसके सही मायने समझ में आते हैं.!!
हर नयी चीज कीमती नहीं होती..
_ कीमती वो होती है जो हमें नया बना दे.
कई चीज़ें हमारे पास होते हुए भी बेकार पड़ी रहती हैं, क्योंकि हमें उनकी कीमत तब तक महसूस नहीं होती, जब तक हमें उनकी जरूरत न पड़ जाए.

_ जरूरत आते ही हम उन्हें तलाशने लगते हैं, और तब समझ आता है कि जिसे हम धूल खाता हुआ छोड़ बैठे थे, वही कभी हमारे लिए सबसे जरूरी था.!!
– Nirarthak Nirarthak

सुविचार 4556

मुस्कान और मदद, दो ऐसे इत्र हैं, जिन्हें आप जितना अधिक, दुसरो पर छिड़केंगे,

उतने ही आप स्वयं सुगन्धित होगें.

सुविचार 4554

समस्याओं को मूल्यांकन करके उसका निदान ढूंढे,

बजाए उस समस्या में ही अपने आप को सदैव उलझाए न रखें…!!!

सुविचार 4553

सफ़लता झूठी शोर मचाने से नहीं किंतु खामोशी में मेहनत करने से प्राप्त होती है…!!!

सुविचार 4552

बिना आसक्ति के प्रेम करना सीखें, क्योंकि यही आसक्ति हमें तकलीफ़ देती है, न कि प्रेम
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