सुविचार 4383

आप हर समय मजबूत नहीं रह सकते, कई बार ऐसा होता है कि आपको सिर्फ अकेले रहने की जरूरत होती है.. – और अपने आंसुओं को बाहर आने देना चाहिए.
जिस थाली में खाना खत्म हो जाता है, वो गंदी लगने लगती है, कोई उसे प्यार से नहीं देखता..

_ ठीक वैसे ही जब आपकी जरूरत लोगों को खत्म हो जाती है तो आप उन्हें बेकार लगने लगते हो..
_ आपकी कोई भी कीमत नहीं होती.!!

सुविचार 4382

किसी के साथ हुए कटु अनुभव के भावनात्मक बोझ से छुटकारा पाने का एकमात्र उपाय उसे छमा कर देना है.
हर इंसान अपने कर्मों का बोझ लेकर जीता है.

_ हो सकता है वो बाहर से सामान्य दिखे, लेकिन भीतर कहीं न कहीं उन्हें सच पता है.
_ आपकी पीड़ा का अनुभव चाहे उन्हें आज न हो, पर जीवन में किसी मोड़ पर यह कचोट उन्हें अवश्य मिलेगी.!!

सुविचार 4381

टेंशन, डिप्रेशन और बैचैन इंसान तभी होता है,

_ जब वो खुद के लिए कम और दूसरों के लिए ज्यादा सोचता है.

अब तो टेंशन लेने की इतनी आदत हो गई है, कि कभी टेंशन न हो तो टेंशन होने लगती है कि सब कुछ ठीक कैसे चल रहा है.!!

सुविचार 4380

खतरनाक लोग पहले अपनापन दिखाते हैं, और फिर जब हम उन पर हद से ज्यादा भरोसा कर लेते हैं, तो निगल जाते हैं.

सुविचार 4379

मात्र एक सकारात्मक विचार आपके कार्य करने की ऊर्जा को 4 गुना तक बढ़ा सकता है.

सुविचार 4378

अधिकतर लोग अच्छे होते हैं ….लेकिन सच्चे नहीं !!!

_ सच्चा बनना सरल है, बने रहना कठिन.!!

हर बात पर सफाई देने की ज़रूरत नहीं, बस सही रहो, सच्चे रहो,

_ बाकी ऊपर वाला सब संभाल लेता है.!!

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