सुविचार 4455

तुम कुछ कहते हो वो मात्र शब्द ही नहीं होते, बीज़ भी होते हैं,

अच्छी फसल के लिए अच्छा बीज़ पहली शर्त है,”

सुविचार 4454

ह्रदय की पवित्रता आपकी अंतर्दृष्टि को अत्यंत शक्तिशाली बना देती है,

_ जिससे आप अनेक कार्य करने में सछम हो जाते हैं.

वही जीवित है, जिसका मस्तिष्क ठंडा, रक्त गरम, ह्रदय कोमल और पुरुषार्थ प्रबल है.!!

सुविचार 4453

बुरी से बुरी परिस्थितियों की सार्थकता यही है कि उससे जीवन की व्यर्थता पहचानी जाए.
व्यर्थ कुछ नहीं जाता, सड़ी चीजें भी खाद बन कर फूलों को खिलने में मदद करती है.

सुविचार 4452

सकारात्मकता अनिवार्य है, यदि वो हमारे भीतर बनी हुई है तो साहस संचारित होता रहता है.

सुविचार 4450

संसार में अपने पंख फैलाना सीखो,

क्योंकि दूसरों के पंखों के सहारे तुम उड़ नहीं सकते.

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