सुविचार 4377

दुःखी रहना है तो ये सोचो कौन है कहां है – क्यों और कब है, और

आनंदित रहना है तो ये सोचो ” रब है तो सब है “

सुविचार 4376

मुकाबला ऐसे करो कि आप हार भी जाओ, तो

दूसरे की जीत से ज्यादा आपकी हार के चर्चे हों..

सुविचार 4375

आधुनिकता के इस युग मे इंसान के स्वयं के विचार समाप्त होते जा रहे हैं,

_ यहां तक कि दो लोगो के बीच होने वाली वार्ता भी किसी ना किसी वीडियो से या कहीं से पढ़कर प्राप्त की हुई जानकारी ही होती है,
_ आधुनिकता ने इस दुनिया को कितना नीरस बना दिया.!!
जानकारी कभी सिर्फ दिमाग नहीं संभालती..
_ कभी-कभी मन को भी शांत कर देती है.!!
हम वो लोग बन गए हैं जो खुद को नकार कर आगे बढ़ जाते हैं,

_ ऐसा लगता है कि हम ठहर गए हैं और सड़ रहे हैं आहिस्ता-आहिस्ता रुके पानी की तरह.!

सुविचार 4374

बिना सोचे-समझ़े ही धारणा बना लेने वाला,

उस तालाब की तरह होता है, जो कालांतर में सड़ने लगता है.

सुविचार 4373

ज्ञान-दान से बढ़कर कोई अन्य दान नहीं है,

जो सबसे सरल दान है, यदि आप बुद्धिजीवी हैं तो.

सुविचार 4372

ह्रदय से अच्छे लोग बुद्धिमान होने के बाद भी धोखा खा जाते हैं..

_ क्योंकि वो दूसरों को भी ह्रदय से अच्छे होने का विश्वास कर बैठते हैं.!!

दुनियां बुरी नहीं है, बस अब अच्छे लोगों ने बोलना बंद कर दिया..

_ इसलिए चंद बुरे लोग अच्छे लोगों पर हावी हो चुके हैं..!!

अटूट विश्वास करना किसी इंसान की कमज़ोरी नहीं है बल्कि उसकी अच्छाई है..

_ कमज़ोरी तो उसकी है जिसने उसके विश्वास को समझा नहीं और सबसे बड़ी नादानी भी.. ख़ैर अब कोयले की खान में हीरा सबको नसीब थोड़े होता है..
_ इसलिए अटूट विश्वास को करने वाला नहीं उसे छलने वाला अभागा रह जाता है..
– रिदम राही
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