सुविचार 4855
तुम जैसे हो गए हो, वह तुम्हारे सोचने का ही परिणाम है.
मेहनत पे मेहनत करो तो तक़दीर बन जाती है.
जिस तरह इंसान साँस छोड़ने में आनाकानी नहीं करता क्योंकि वह जानता है, एक साँस छोड़ने के बाद अगली साँस खुद-ब-खुद आएगी.
उसी तरह जीवन में भी चीज़ों को फ्री फ्लों में आने-जाने दें, उनसे चिपकाव न रखें.
तब हर छोटी छोटी चीज भी कीमती लगने लगती है.