सुविचार 4854

कड़ी से कड़ी जोड़ते जाओ तो जंजीर बन जाती है,

मेहनत पे मेहनत करो तो तक़दीर बन जाती है.

सुविचार 4853

जीवन फ्री फ्लो में बहे,

जिस तरह इंसान साँस छोड़ने में आनाकानी नहीं करता क्योंकि वह जानता है, एक साँस छोड़ने के बाद अगली साँस खुद-ब-खुद आएगी.

उसी तरह जीवन में भी चीज़ों को फ्री फ्लों में आने-जाने दें, उनसे चिपकाव न रखें.

सुविचार 4851

जब कीमत चुकानी पड़ती है,

तब हर छोटी छोटी चीज भी कीमती लगने लगती है.

सुविचार 4850

कुछ बातें महसूस तो होती हैं मगर उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.
error: Content is protected