सुविचार 4927

गंभीरता का गुण धारण कर लो, तो व्यर्थ टकराव से बच जाएंगे.
“इंसान को सबसे ज़्यादा वही अच्छा लगता है, जिससे कुछ देर के लिए उसका मन हल्का हो जाए”

सुविचार 4926

तुम किसी और के खुश होने से खुश या खामोशी से चुभन लेते हो तो _ तुम सिर्फ गुलाम हो_ एक कठपुतली हो _ जैसे सामना वाला नचाए..

खुद के मालिक बनो_ स्वतंत्रता क्या होती है_ इसे जियो और जीने दो.

” यदि अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हो, _ तो आप एक गुलाम हो “.

सुविचार 4925

राहें आसान हो जाती हैं उनकी…जो सदैव कठिन रास्तों का चुनाव करते हैं…!!!

सुविचार 4924

यदि आप किसी पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं इसका मतलब_ आपको खुद पर विश्वास जैसा कुछ भी नहीं है.

सबसे पहले आप खुद पर विश्वास करना सीखिए..

_ यकीन करें आप किसी पर विश्वास करने के पहले आप खुद से एक बार राय जरूर लेंगे.

सुविचार 4923

स्वीकार करने की हिम्मत _ और सुधार करने की नीयत हो तो _ इंसान बहुत कुछ सीख सकता है !

सुविचार 4922

धीमी प्रगति से विचलित न हों, छोटे – छोटे कदम भी आपको बहुत आगे ले जाते हैं.
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