सुविचार 4836

पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को,

उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नही हुआ करते…

सुविचार 4835

नदी जब किनारा छोड़ देती है तो राह की चट्टान तक तोड़ देती है,

बात छोटी सी ही गर चुभ जाए दिल में तो जिंदगी के रास्ते मोड़ देती है.

सुविचार 4834

ज़िद, गुस्सा, गलती, लालच और अपमान खर्राटों की तरह होते हैं,

जो दूसरा करे, तो चुभते हैं, परन्तु स्वयं करें तो एहसास तक नहीं होता..

सुविचार 4832

चर्चा और निंदा ..यह केवल सफल व्यक्ति के ही भाग्य में होती है…

इसलिए सफर जारी रखिए..!!

सुविचार 4831

“जिंदगी का मेरा सूत्र बहुत ही सरल है, मैं सुबह जागता हूं तथा रात को सो जाता हूं.

इसके बीच में मैं जितना हो सके स्वयं को व्यस्त रखता हूं.”

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