सुविचार 4658 | Sep 19, 2025 | सुविचार दुख पीछे देखता है, चिंता इधर उधर देखती है लेकिन विश्वास हमेशा आगे ही देखता है. विश्वास एक ऐसी डोर है जो अनजान को भी अपना बना देती है, और जब टूटे तो अपनेपन की पहचान तक मिटा देती है.!!
सुविचार 4657 | Sep 18, 2025 | सुविचार ” ठोकर ” तो लग ही जाती है, इसका मतलब ये थोड़ी है कि इंसान चलना ही छोड़ दे.
सुविचार 4656 | Sep 17, 2025 | सुविचार पशु न बोलने के कारण कष्ट उठाता है और मनुष्य अधिक बोलने के कारण…
सुविचार 4655 | Sep 16, 2025 | सुविचार इस दुनिया में हर इंसान उसी चीज के लिए रोता है जो उसके पास नहीं है ; जब वो चीज उसके पास होती है तो उसकी वो कद्र नहीं करता है..! जीवन का दुख यही है कि हम अपने जीवन में मौजूद कमियों को गिनते हैं.. _ और जो हमें मिला है उसकी कद्र करना भूल जाते हैं.!! आपके जीवन में जो कुछ भी है उसका सम्मान करें.. _ अन्यथा वह किसी और के पास चला जाएगा.. जो उसकी कद्र करता है.!!
सुविचार 4654 | Sep 15, 2025 | सुविचार दूसरों के व्यवहार को अपने मन की शांति को नष्ट करने का अधिकार न दें.