कुछ बातें महसूस तो होती हैं मगर उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.
सुविचार 4849
मनुष्य में जितनी विवेक शक्ति होगी, उतनी ही उसकी आत्मा निर्मल होगी.
अगर आपको सच में जीना है तो अपने विवेक को जिंदा रखिए.
_ हर फैसले से पहले खुद से पूछिए कि जो मैं कर रहा हूं, क्या वो सही है.
_ अगर जवाब हां में आए तो फिर किसी से डरने की जरूरत नहीं है, और अगर जवाब ना में आए तो फिर दुनिया की कोई ताकत आपको सही साबित नहीं कर सकती.!!
सुविचार 4848
‘आत्मविश्वास इस बात से नहीं आता कि आपके पास हर सवाल का जवाब है,
_ बल्कि इस बात से आता है कि ” आप हर सवाल का सामना करने के लिए तैयार हैं “.
कुछ लोग सवाल इसलिए पूछते हैं कि जवाब मिल जाए,
_ और कुछ इसलिए कि जीवन को थोड़ा और गहराई से समझ सकें.!!
_ और कुछ इसलिए कि जीवन को थोड़ा और गहराई से समझ सकें.!!
“सवालों से दूर नहीं गया हूँ, बस अब उन्हें दुनिया से नहीं, खुद से पूछता हूँ ;
_ और यहीं कहीं सत्य मिलता है, कभी सिर्फ सुकून ;
_ हर सवाल का जवाब बाहर नहीं मिलता- ये सही है,
लेकिन हर सवाल का जवाब खुद बना लेना भी सही नहीं है ;
_ क्लैरिटी [Clarity] का मतलब सवाल ख़त्म होना नहीं, बल्कि सवालों का सही जगह पर ठहर जाना है.!!
सुविचार 4847
जो आपका है, वो आपको मिलकर ही रहेगा,
चाहे उसे छीनने के लिए सारी कायनात एक हो जाए …!
सुविचार 4846
इंसान ज्यादा काम करने से सफ़ल नहीं होता,
बल्कि सही तरीके से काम करने वाले सफ़ल होते हैं.
सुविचार 4845
किसी काम को करने के लिए सबकुछ परफेक्ट होना जरूरी नहीं है,
शुरुआत जरूरी है…





